Tuesday, 13 January 2026

#अमरचित्रकथा

 बचपन में #अमरचित्रकथा पढ़ते समय मेरी बालबुद्धि यह कभी समझ नहीं पाती थी कि कहानी के अधिकतर किरदार शुरू से आखिर तक एक ही ड्रेस में क्यों रहते थे! आज तथाकथित maturity आने के बाद समझ में आता है कि हर platform के अपने limitations होते हैं और इस time-bound platform से कहानीकार को एक सूत्र भी पकड़े रहना होता है और यह भी समझाना होता है कि किरदार वही है। वरना, बदले हुए dresses audience (बच्चों) को confuse कर सकते हैं। कुल मिलाकर message देना असली मक़सद है और अमर चित्र कथा बरसों से यह काम बखूबी करती आई है। #cómics #childrenstories #bachpan #bachpankeeyaadein






Sunday, 11 January 2026

 #दिल्ली में चल रहे विश्व पुस्तक मेले में मेरी दो किताबें #गुरुमंत्र और #लेमनचूस क्रमशः @hind.yugm प्रकाशन और #काव्यकुमुदपब्लिशिंगमीडिया के स्टॉल पर उपलब्ध हैं। #worldbookfair2026 #hindibooks #selfhelp #hindistories






Monday, 8 September 2025

 


कौन थी नताशा? 'रोल मॉडल'  या कुछ और? कॉर्पोरेट जगत की हैरान करने वाली सच्चाई से रु-ब-रु करती यह कहानी पढ़ें मेरी नई किताब, लेमनचूस: एक पैकेट खट्टी-मीठी कहानियाँ में। किताब #Amazon पर उपलब्ध है। Follow this link to order the book: https://www.amazon.in/gp/product/9392607520/ref=cx_skuctr_share_ls_srb?smid=A1QI04QG6BXT5F&tag=ShopReferral_0b98237e-1b50-4e61-8053-f5ab9c6d0ef9

#story_collection #shortstories #Hindibooks #Hindi_stories #HindiLiterature

Saturday, 2 August 2025

#Vinod Kumar Shukla

 https://youtu.be/CM6q9EJ58ps?si=IWxUI80VQgHXNN-5 #YouTube पर @AchalMishra की शॉर्ट फिल्म, #ChaarPhoolHainAurDuniyaHai (चार फूल है और दुनिया है) का लिंक। #Vinod Kumar Shukla के सादा जीवन को नजदीकी से दिखाती यह शॉर्ट फिल्म बाँध लेती है। फिल्म की दूसरी खूबसूरती है @ManavKaul द्वारा #विनोद कुमार शुक्ल का इंटरव्यू। दो अलग-अलग पीढ़ियों के रचनाकारों को एक साथ देखना और उनकी गुफ्तगू सुनना आँखों और कानों के लिए delight है। लगता है @मानवकौल को पढ़ना ही पड़ेगा, आखिर Hind Yugm Prakashan ही तो हम दोनों का प्रकाशक है। #दीवार में एक खिड़की रहती थी #बहुतदूरकितना दूरहोताहै #ShortFilmHindi #dharamshalainternationalfilmfestival2024 #hindiliterature

Saturday, 26 July 2025

“कुछ बातें कुछ यादें कुछ सवाल” , रंजना मिश्रा की किताब

 बरसों पहले, कक्षा 6 या 7 में पढ़ने वाली दो सहेलियाँ एक संजीदा विषय पर बात करती हुई, “अति हर चीज़ की बुरी होती है, सीता माता अति सुंदरी थीं, इसीलिए रावण उन्हें हर ले गया।” अचानक पलक झपकती है और एक नई पीढ़ी सामने आकर खड़ी हो जाती है। कल की वह दोनों सहेलियाँ आज खुद युवा लड़कियों की माँ हैं और दोनों को लिखने का शौक़ है मगर दोनों एक-दूसरे से दूर, अलग-अलग शहरों में हैं । अचानक दृश्य बदलता है और दोनों फिर से एक ही शहर में हैं, लेखन की ज़मीन पर अपने पैर जमाती हुई, फिर से वैसी ही संजीदा बातें करती हुई, अपनी लेखनी को मज़बूत करने के तरीके तलाशती हुई। कहानी लगती है ना! मगर कहानी नहीं, हकीकत है, थोड़े से इत्तेफ़ाक़ ज़रूर हैं।


आज जब मेरी बचपन की सहेली Ranjana Mishra की लिखी हुई किताब, “कुछ बातें कुछ यादें कुछ सवाल” मेरे हाथ में आई तो बचपन ताज़ा हो गया। बचपन का अहम हिस्सा, हमारा स्कूल रंजना की किताब में जगह-जगह पर है, कभी Moral Science की किताब के ज़िक्र में, तो कभी स्कूल में मनाए जाने वाले #क्रिसमस की यादों में। रंजना ने इस किताब में अपना बचपन जिया है और उसके साथ-साथ मैंने भी क्योंकि उसके और मेरे बीच बहुत कुछ common है, स्कूल, सहेलियाँ, रांची, तब का बिहार, अब का बिहार!

किताब की सरलता इसे विशेष बनाती है, और cover page अपने-आप ही सब कुछ कह रहा है, एक और striking feature का ज़िक्र ज़रूरी है, इसकी branding वाला carry bag जो अभी भी मेरे पास है।

मेरी प्यारी सहेली को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ! उम्मीद है, यह सिलसिला चलता रहेगा और लेखन #fevicol बनकर हम दोनों को जोड़े रखेगा।

अपने ऑटोग्राफ वाली यह engaging किताब भेजने के लिए बहुत शुक्रिया, सखी!




Sunday, 20 July 2025

Learning is living

 


जो व्यक्ति यह दंभ करे कि उसे सबकुछ आता है, इसलिए उसे सीखने की कोई ज़रूरत नहीं है तो वह ज़िन्दा होकर भी मुर्दा है क्योंकि उसने जीवन के एक महत्वपूर्ण लक्षण, सीखने को अपने से दूर कर दिया है। From #गुरुमंत्र_बड़े_काम_की_छोटी_छोटी_बातें! (my Hindi book on self-help) #हिन्दयुग्म प्रकाशन #SelfHelpBook #NayiWaliHindi #Hena_Naqvi #YellowRoots #hindibooks#Hindiquote #GuruMantra




Saturday, 21 June 2025

#StoriesByHenaNaqvi

 


प्यार लुटाने वालों के साथ समय कितना आसान हो जाता है, गर्म रोटी पर मक्खन की तरह पिघलता जाता है! अच्छाई की ताक़त तकलीफ़ों को कम कर देती है। सचमुच! ज़िंदगी में अच्छे लोगों का मौजूद होना ज़िंदगी की बेहतरीन चीजों में से एक है। पढ़ें, ज़िंदगी से जुड़ी यह कहानी, मेरी नई किताब, ‘लेमनचूस: एक पैकेट खट्टी-मीठी कहानियाँ’ में। किताब #Amazon पर उपलब्ध है। Follow this link to order the book: https://www.amazon.in/.../ref=cx_skuctr_share_ls_srb...